यह ख़बर 19 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'मार्च, 2012 तक 20,000 तक जा सकता है सेंसेक्स'

खास बातें

  • कोटक सिक्युरिटीज ने कहा है कि आर्थिक सुधारों के आगे बढ़ने और कच्चे तेल मूल्यों में स्थिरता से मार्च तक सेंसेक्स 20,000 के आंकड़े को छू सकता है।
New Delhi:

आर्थिक सुधारों के आगे बढ़ने और कच्चे तेल मूल्यों में स्थिरता से अगले साल मार्च तक बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 20,000 अंक के आंकड़े को छू सकता है। ब्रोकरेज कंपनी कोटक सिक्युरिटीज ने मंगलवार को यह कहा। कोटक सिक्युरिटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा, हमारे अनुमान के मुताबिक कच्चे तेल के दाम नीचे आएंगे और अगली तिमाही से सुधारों की गति बढ़ेगी, ऐसी स्थिति में अगले कैलेंडर वर्ष की पहली तिमाही में सेंसेक्स किसी समय 20,000 अंक तक पहुंच सकता है। इससे पहले जनवरी में बंबई शेयर बाजार का बेंचमार्क सेंसेक्स 20,000 के आंकड़े को छू गया था। पिछले दो दिन की गिरावट को दरकिनार करते हुए मंगलवार को सेंसेक्स 147 अंक बढ़कर 18,653.87 अंक पर बंद हुआ। रिजर्व बैंक की आगामी पहली तिमाही मौद्रिक नीति पर शाह ने कहा कि नीतिगत दरों में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि से बाजार को नीचे खींच लेगी। उन्होंने कहा कि हम मौद्रिक नीति में ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि मानकर चल रहे हैं, यदि यह इसी दायरे में रहती है, तो इससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, लेकिन यदि वृद्धि आधा प्रतिशत तक होती है, तो यह बाजार पर असर डालने वाली होगी। बाजार इतनी वृद्धि नहीं मान रहा है, यदि ऐसा होता है बाजार मौजूदा स्तर से कुछ नीचे आ जाएगा। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने आर्थिक वृद्धि के बजाय महंगाई पर अंकुश लगाने को ज्यादा महत्व दिया है और यही वजह है कि केंद्रीय बैंक ने पिछले साल मार्च से अब तक 10 बार रेपो और रिवर्स रेपो जैसी नीतिगत दरों में वृद्धि की है।


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