यह ख़बर 08 नवंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

किंगफिशर एयरलाइंस का दूसरी तिमाही का घाटा बढ़कर 754 करोड़ हुआ

खास बातें

  • ऋण के बोझ से दबी निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस का जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही का शुद्ध नुकसान बढ़कर 754 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
मुंबई:

ऋण के बोझ से दबी निजी क्षेत्र की किंगफिशर एयरलाइंस का जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही का शुद्ध नुकसान बढ़कर 754 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एयरलाइंस का 469 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। हालांकि, किंगफिशर ने कहा है कि वह अपनी सेवाएं दोबारा शुरू करने के लिए एक व्यापक योजना पर काम कर रही है।

समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की आमदनी भी घटकर 200 करोड़ रुपये पर आ गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,553 करोड़ रुपये थी। कंपनी के परिचालन में बाधा तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा उसके लाइसेंस का निलंबित किए जाने की वजह से कंपनी की आमदनी प्रभावित हुई है।

एक तरफ कंपनी के खर्च में कमी आई है, वहीं उसे पुनर्गठन पर भारी खर्च करना पड़ा है। इसके अलावा कंपनी के कर खर्च में भी बढ़ोतरी हुई है।

नतीजों की घोषणा करते हुए एयरलाइंस ने कहा कि वह विभिन्न अंशधारकों से बात कर रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में उसके परिचालन में बाधा नहीं आएगी।

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बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि एयरलाइंस अपने परिचालन फिर से शुरू करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसकी जानकारी बैंकों और डीजीसीए को दी जाएगी।