यह ख़बर 21 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

मझोले और छोटे शहरों में बढ़े नौकरियों के अवसर

खास बातें

  • छोटे कस्बों और मिनी मेट्रो शहरों में अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान नियुक्ति गतिविधियों में सकारात्मक संकेत देखने को मिला है।
New Delhi:

छोटे कस्बों और मिनी मेट्रो शहरों में अप्रैल-जून की तिमाही के दौरान नियुक्ति गतिविधियों में सकारात्मक संकेत देखने को मिला है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, खासकर इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में नौकरियों में इजाफा हुआ है। माईहायरिंगक्लब.कॉम के एक अध्ययन के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 41 फीसद कंपनियों ने कहा कि उन्होंने पुणे और हैदराबाद जैसे दूसरी श्रेणी के शहरों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में ज्यादा कर्मचारियों की नियुक्ति की है। करीब 12 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि उन्होंने जयपुर, गाजियाबाद और कोच्चि जैसे तीसरी श्रेणी के शहरों में पांच प्रतिशत अधिक नियुक्तियां की हैं। माईहायरिंगक्लब.कॉम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार ने कहा, अगली कुछ तिमाहियों में भी नियुक्ति का यही रुख जारी रहेगा। दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में मेट्रो शहरों की तुलना में नियुक्ति गतिविधियां बढ़ रही हैं, क्योंकि कंपनियां ऐसे गंतव्यों की ओर रुख कर रही हैं जहां लागत कम बैठती हो। सर्वेक्षण में कहा गया है कि छोटे शहरों में नियुक्ति गतिविधियां बढ़ने की एक वजह बड़े शहरों में नौकरी छोड़ने की ऊंची दर और ऊंचा वेतन है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि तिमाही के दौरान दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में सबसे ज्यादा 22 प्रतिशत नौकरियां इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र में दी गईं। इसके बाद बीमा, बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवा क्षेत्रों में 18 प्रतिशत, आईटी और आईटी संबद्ध सेवा क्षेत्र में 18 प्रतिशत, एफएमसीजी में 16 प्रतिशत, रिटेल में 14 प्रतिशत, दूरसंचार में 12 प्रतिशत और ढांचागत क्षेत्र में 10 प्रतिशत नौकरियां दी गईं।


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