नई दिल्ली: जापान की कुछ प्रमुख सूचना संचार एवं प्रौद्योगिकी (आईसीटी) कंपनियों ने भारत के साइबर सुरक्षा कानूनों पर चिंता जताई है। ये कंपनियां भारत में निवेश की इच्छुक हैं।
गौरतलब है कि जापान के व्यापार और उद्योग मंत्री योइची मियाजावा पिछले सप्ताह जब भारत की यात्रा पर आए थे तो उनके साथ उनके प्रतिनिधिमंडल में इन कंपनियों के अधिकारी भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों ने कहा कि भारत के साइबर सुरक्षा कानून, साइबर अपराध की अति गतिशील दुनिया के हिसाब से होने चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, 'इन कंपनियों ने कहा कि साइबर अपराधी नेटवर्क हैक करने और महत्वपूर्ण सूचनाएं चुराने के लिए अपने तौर-तरीकों को बहुत तेजी से बदल रहे हैं। इसके चलते दुनिया भर की सरकारों को अपने कानूनों को अपडेट करना पड़ रहा है, ताकि वे बदलते तौर तरीकों के हिसाब से काम कर सके। भारत इस लिहाज से बहुत अपडेट नहीं है।'
सूत्रों ने कहा कि भारत में साइबर सुरक्षा कानून का मजबूत खाका होने से यहां के नागरिक सूचनाओं की चोरी, साइबर उत्पीड़न, औद्योगिक जासूसी जैसे मुद्दों को दीर्घकालिक स्तर पर निपटा सकते हैं।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि संचार एवं आईटी मंत्री ने जापानी प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि सरकार साइबर सुरक्षा के प्रति बहुत गंभीर है और वह कानूनों को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है। जापान ने भारत में आईसीटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की इच्छा जताई है।