यह ख़बर 30 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

सिर्फ जरूरतमंदों को हो मिले डीजल पर सब्सिडी : जयराम

खास बातें

  • ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि सरकार तेल सब्सिडी पर 1,90,000 करोड़ रुपये खर्च करती है, जबकि ग्रामीण विकास और पीने के पानी की साफ−सफाई पर सिर्फ 99,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
नई दिल्ली / मुंबई:

ग्रामीण विकासमंत्री जयराम रमेश ने एक बार फिर डीजल पर दी जा रही सब्सिडी के दुरुपयोग पर नाराजगी जताई है। रमेश ने कहा कि डीजल पर सब्सिडी का इस्तेमाल एसयूवी और दूसरे वाहनों को चलाने में हो रहा है, जबकि यह सब्सिडी गरीबों के लिए दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार तेल सब्सिडी पर 1,90,000 करोड़ रुपये खर्च करती है, जबकि ग्रामीण विकास और पीने के पानी की साफ−सफाई पर सिर्फ 99,000 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीजल पर सब्सिडी सिर्फ गरीबों और जरूरतमंदों को ही मिलनी चाहिए।

उधर, पेट्रोल की कीमत बढ़ाने का मामला अदालत में भी गया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों को नोटिस दिया है। राजेंद्र फणसे नामके शख्स ने अर्जी दायकर कर मांग की थी कि पेट्रोल की बढ़ी कीमत घटाई जाए।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और एलपीजी की कीमतों पर पूरे देश में एकसमान नीति लागू रहे इसके लिए एक रेग्युलेटरी कमीशन बनाने की भी मांग की गई है। अर्जी के मुताबिक यह कमीशन ही पेट्रोलियम उत्पादों की दर तय कर उसे संसद में मंजूरी के लिए भेजे। पेट्रोलियम और वित्त मंत्रालय के अलावा आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल को इस पर 20 जून तक जवाब देना है।