खास बातें
- सभी शेयरों के संचयी मूल्य आधार पर निवेशकों की कुल संपत्ति साल की शुरुआत में 73 लाख करोड़ रुपये थी जो घटकर 56.9 लाख करोड़ रुपये रह गई है।
नई दिल्ली: शेयर बाजार में तेज गिरावट के कारण वर्ष 2011 में अबतक निवेशकों को 500 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आने वाले महीनों में निवेशकों का नुकसान और बढ़ सकता है। देश में सूचीबद्ध सभी शेयरों के संचयी मूल्य आधार पर निवेशकों की कुल संपत्ति 2011 की शुरुआत में 73 लाख करोड़ रुपये थी जो घटकर फिलहाल 56.9 लाख करोड़ रुपये रह गई। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल केवल तीन सप्ताह का कारेाबार बचा है और बाजार में गिरावट का रुख बरकरार है। न तो घरेलू अर्थव्यवस्था से और न ही वैश्विक रुख से बाजार को कोई समर्थन मिल पा रहा है। साल की शुरुआत में तीन जनवरी को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 20,664.8 अंक पर था जो अब घटकर 16,213.46 अंक पर आ गया है। विश्लेषकों का कहना है कि अगले छह महीने में सेंसेक्स 14,500 के स्तर तक जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों की संपत्ति 100 अरब डालर (करीब छह लाख रुपये) का नुकसान होगा। वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी बैंक ऑफ अमेरिका-मेरिल लिंच ने इस वर्ष भारत को सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला बाजार करार दिया है। बैंक के अनुसार, अगले छह महीने में बाजार की स्थिति पेचीदा बने रहने की आशंका है। आर्थिक वृद्धि को लेकर बढ़ती आशंका को देखते हुए सेंसेक्स 14,500 अंक तक जा सकता है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में नरमी से देश की आर्थिक वृद्धि में गिरावट, उच्च ब्याज दर तथा धीमी निवेश मांग से बाजार नीचे आ रहा है। हालांकि रिपोर्ट में कहा कि दिसंबर के शेष बचे दिन में बाजार में तेजी आ सकती है क्योंकि पंरपरागत रूप से दिसंबर का महीना बाजार के लिए मजबूत अवधि वाला रहा है।