यह ख़बर 15 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'मार्च तक मुद्रास्फीति घटकर 6% रह जाएगी'

खास बातें

  • मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु को उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति दर नरम होकर 6% पर आ जाएगी।
नई दिल्ली:

मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु को उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुद्रास्फीति दर नरम होकर 6% पर आ जाएगी, हालांकि वह मानते हैं कि तुलनात्मक आधार की वजह से खाद्य मुद्रास्फीति उच्चस्तर पर बनी रहेगी। इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर द्वारा आयोजित एक संगोष्ठी में कहा, मुझे उम्मीद है कि मार्च 2012 तक मुख्य मुद्रास्फीति कम होकर 6 प्रतिशत के आसपास आ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को मुद्रास्फीति का चार प्रतिशत का लक्ष्य लेकर चलना चाहिए। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित सकल मुद्रास्फीति जून महीने में एक महीने पहले के 9.06 प्रतिशत से बढकर 9.44 प्रतिशत हो गई। केवल इतना ही नहीं अप्रैल महीने के मुद्रास्फीति के संशोधित आंकड़े 8.66 प्रतिशत से उछलकर 9.74 प्रतिशत पर पहुंच गए। बसु ने कहा मुद्रास्फीति का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ने की प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा, इस मामले में हमारी 4 प्रतिशत लक्ष्य की सिफारिश है। इस बीच दो जुलाई को समाप्त सप्ताह में खाद्य मुद्रास्फीति बढकर 8.31 प्रतिशत हो गई। इससे पिछले सप्ताह में यह 7.61 प्रतिशत पर थी। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को काबू में रखने के लिए पिछले साल मार्च से दस बार नीतिगत ब्याज दरों में वृद्धि करता रहा है।


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