यह ख़बर 15 सितंबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

तेल और खाद्य पदार्थों के दामों में कमी के चलते महंगाई दर पांच साल के निचले स्तर पर पहुंची

नई दिल्ली:

सब्जियों और खाने की अन्य चीजों की कीमतें घटने से इस वर्ष अगस्त में थोकमूल्य मुद्रास्फीति घटकर 3.74 प्रतिशत पर आ गई जो इसका लगभग पांच वर्ष का न्यूनतम स्तर है।

थोकमूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष जुलाई में 5.19 प्रतिशत और पिछले वर्ष अगस्त में 6.9 प्रतिशत थी।

आज जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं के वर्ग में मुद्रास्फीति अगस्त में उल्लेखनीय रूप से घटकर 5.15 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले महीने 8.43 प्रतिशत थी। इसस पहले मुद्रास्फीति का न्यूनतम स्तर अक्तूबर 2009 में था जब यह 1.8 प्रतिशत थी।

आलोच्य माह में सब्जियों की थोक कीमतें सालाना आधार पर 4.88 प्रतिशत ऊंची रही। इसमें लगातार तीसरे महीने गिरावट दर्ज हुई है।

गिरावट का रुझान बने रहने से प्याज की कीमत सालाना आधार पर 44.7 प्रतिशत नीचे रही हालांकि आलू की कीमतें एक साल पहले की तुलना में 61.61 प्रतिशत ऊंची रहीं जबकि इस बार जुलाई में आलू का भाव 46.41 प्रतिशत ऊंचा था। फलों की महंगाई की वार्षिक दर अगस्त में 20.31 प्रतिशत ही।

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अंडा, मांस एवं मछली जैसे प्रोटीनयुक्त उत्पादों की कीमत घटी हालांकि जुलाई के मुकाबले दूध की कीमत 12.18 प्रतिशत और दाल की कीमतें 7.81 प्रतिशत रहीं। अगस्त की खुदरा मुद्रास्फीति भी घटकर 7.8 प्रतिशत रही जो जुलाई में 7.96 प्रतिशत थी।