थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित यह दर पिछले महीने 4.89 फीसदी और पिछले साल मई में 7.55 फीसदी थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च महीने की महंगाई दर में नीचे की ओर संशोधित कर इसे 5.96 फीसदी से 5.65 फीसदी किया गया।
महंगाई दर में लगातार चौथे महीने नरमी दर्ज की गई है। महंगाई का दबाव कम होने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में मुख्य दरों में कटौती किए जाने की उम्मीद जगी है।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि मासिक आंकड़े सरकार की उम्मीद से बेहतर रहे हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मुझे लगता है कि महंगाई में काफी कमी आई है, जो स्वागतयोग्य है।"
दर कटौती पर उन्होंने कहा, "उन्हें (आरबीआई) निश्चित रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई का दबाव कम हुआ है।"
आरबीआई 17 जून को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषण करने वाली है। इससे पहले की सभी तीन समीक्षाओं में आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की अध्यक्ष नैना लाल किदवई ने कहा, "कीमतों में गिरावट का रुझान बने रहे के कारण आरबीआई आगामी मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती कर सकता है।"
ताजा महंगाई दर में नरमी का प्रमुख कारण विनिर्मित और प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में धीमी वृद्धि है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने में विनिर्मित वस्तुओं की महंगाई दर घट कर 3.11 फीसदी रही, जबकि प्राथमिक वस्तुओं के लिए यह दर घटकर 6.65 फीसदी रही। खाद्य महंगाई दर घटकर 8.25 फीसदी रही। ईंधन और बिजली क्षेत्र में महंगाई दर 7.87 फीसदी रही।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा इस सप्ताह के शुरू में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा महंगाई दर घटकर 9.31 फीसदी रही, जो पिछले महीने 9.39 फीसदी थी और मार्च में 10.39 फीसदी थी।
मौजूदा कारोबारी साल के पहले दो महीने के लिए महंगाई दर 0.88 फीसदी रही, जो एक साल पहले 1.80 फीसदी थी।
मई में साल-दर-साल आधार पर पेट्रोल, आलू, धातु और लोहे की कीमतों में गिरावट आई। पेट्रोल 4.43 फीसदी सस्ता हुआ। आलू 3.44 फीसदी, धातु और धातु उत्पाद 1.50 फीसदी तथा लोहा 7.29 फीसदी सस्ता हुए।
आलोच्य अवधि में साल-दर-साल आधार पर अधिकतर फलों और सब्जियों की कीमतों में धीमी वृद्धि हुई। प्याज की कीमत हालांकि 97.40 फीसदी बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई।
इसी अवधि में अनाज 16.01 फीसदी, चावल 18.48 फीसदी और गेहूं 12.65 फीसदी महंगा हो गया।