दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली:
उद्योग जगत ने बहुब्रांड खुदरा कारोबार में एफडीआई की मंजूरी वापस लेने के दिल्ली सरकार के फैसले पर अपनी नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे देश में विदेशी निवेश प्रवाह प्रभावित होने की आशंका है।
सीसीआई की राष्ट्रीय खुदरा समिति के चेयरमैन जे सुरेश ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली में बहुब्रांड खुदरा में एफडीआई की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत में प्रवेश की योजना बना रही अंतरराष्ट्रीय खुदरा कंपनियां हतोत्साहित होंगी।
आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछली शीला दीक्षित सरकार द्वारा दिल्ली में बहुब्रांड खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश (एफडीआई) को मंजूरी सोमवार को वापस ले ली। उद्योग मंडल एसोचैम ने दिल्ली सरकार के फैसले को निवेश विरोधी बताते हुए कहा कि इससे विदेशी निवेशकों में गलत संदेश जाएगा।
फिक्की के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिड़ला ने कहा, व्यावहारिक विकल्प की तलाश के बिना ही इस सीधे इनकार से निवेश धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शरद जयपुरिया ने कहा, दिल्ली सरकार के इस फैसले का असर न केवल दिल्ली, बल्कि हरियाणा, राजस्थान व पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में कुल एफडीआई परिदृश्य पर भी पड़ेगा।