खास बातें
- अनुसंधान फर्म डन एंड ब्रैडस्ट्रीट के मुताबिक आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती व उच्च मुद्रास्फीति से तीसरी तिमाही में कारोबारी धारणा प्रभावित होने की आशंका है।
New Delhi: आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती और उच्च मुद्रास्फीति से देश में तीसरी तिमाही में कारोबारी धारणा प्रभावित होने की आशंका है। अनुसंधान फर्म डन एंड ब्रैडस्ट्रीट ने यह अनुमान व्यक्त किया है। डन एंड ब्रैडस्ट्रीट (इंडिया) के अध्यक्ष एवं सीईओ कौशल संपत ने कहा कि अनिश्चित घरेलू राजनीतिक परिदृश्य, वैश्विक मोर्चे पर जारी संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी के साथ ही अमेरिका में आर्थिक सुधारों की मंद गति से निकट भविष्य में संपूर्ण आर्थिक विकास बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि मॉनसून की प्रगति और घरेलू मांग पर बढ़ती ब्याज दरों का प्रभाव एवं मुद्रास्फीति अगली तिमाही में कारोबारी धारणा बनाने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लाभ के अनुमान को लेकर भारतीय उद्योग जगत की सुस्त धारणा इस बात का संकेत देती है कि जुलाई-सितंबर तिमाही में कारोबारी मार्जिन पर दबाव रहेगा। कारोबारी समुदाय की नब्ज टटोलने वाला बिजनेस ऑप्टिमिज्म इंडेक्स (बीओआई) 2011 की तीसरी तिमाही के लिए 4.2 प्रतिशत घटकर 143.6 अंक पर आ गया। बीओआई में गणना के लिए छह मानकों- शुद्ध बिक्री, शुद्ध लाभ, बिक्री मूल्य, नए ऑर्डर, भंडारण और कर्मचारी स्तर को ध्यान में रखा जाता है।