यह ख़बर 31 जनवरी, 2014 को प्रकाशित हुई थी

वर्ष 2012-13 की आर्थिक विकास दर घटकर हुई 4.5 फीसदी

नई दिल्ली:

कारोबारी साल 2012-13 में एक दशक के न्यूनतम स्तर पर पहुंची आर्थिक वृद्धि का आंकड़ा और घटकर 4.5 फीसदी पर आ गया है। शुक्रवार को जीडीपी के जारी संशोधित अनुमानों में इसमें गिरावट देखी गई है।

इससे पहले जारी प्राथमिक अनुमान में 2012-13 की आर्थिक वृद्धि 5 फीसदी बताई गई थी, जो एक दशक में वृद्धि का न्यूनतम स्तर था। संशोधित सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में विनिर्माण, कृषि और खनन क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के चलते 2012-13 की आर्थिक वृद्धि 4.5 फीसदी पर आ गई।

राष्ट्रीय आय, खपत, व्यय, बचत और पूंजी निर्माण के जारी नए संशोधित अनुमानों के अनुसार (2004-05 के) मूल्यों के आधार पर 31 मार्च 2013 को समाप्त वित्तीय वर्ष 2012-13 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 54.8 लाख करोड़ रुपए था। इससे पिछले वित्त वर्ष में जीडीपी 52.5 लाख करोड़ रुपए रहा था। इस तरह यह जीडीपी में सालाना 4.5 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

संशोधित अनुमानों में 2011-12 की आर्थिक वृद्धि दर 6.2 फीसद के पहले संशोधित अनुमान के मुकाबले बेहतर होकर 6.7 फीसद हो गई। वर्ष 2013-14 की संशोधित वृद्धि दर एक दशक में सबसे कम है। इससे पहले 2002-03 में 4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी।