वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण.
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान आज विपक्ष के सवालों का जवाब दिया. आज निर्मला सीतारमण ने खासतौर पर रुपये और डॉलर के बदलते समीकरण पर सदन को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में भारत की अर्थव्यवस्था ICU मे थी, Fragile Five में थी... आज COVID-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था (Fastest Growing Economy) है. जो आरोप लगा रहे हैं कि निर्यात घटा है, अर्थव्यवस्था गिर रही है, ये सब आरोप तथ्यहीं है और इसका कोई प्रमाण नहीं देने को तैयार नहीं है.
करेंसी डिवैल्यूएशन और फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत में फिक्स एक्सचेंज रेट सिस्टम नहीं है. आज डेप्रिशिएशन और ईवैल्युशन है. भारतीय रुपये और डॉलर की करेंसी की बात की जाए तो भारतीय रुपया सभी विदेशी मुद्राओं की तुलना में मजबूत हो रहा है. श्रीमती सीतारमण ने लोकसभा में सोमवार को एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि रुपए कहीं भी आईसीयू में नहीं है. उनका कहना था कि जो लोग रुपए कोआईसीयू में बताते हैं उन्हें मालूम होना चाहिए की डॉलर और अन्य मुद्राओं की तुलना में रुपए बेहतर स्थिति में है. जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था आईसीयू में थी उस डावांडोल स्थिति में भी रुपए में मजबूती थी.
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूती से खड़ा है. अमेरिकी फेडरल बैंक की नीतिओं के चलते भी डॉलर मजबूत हुआ है. हमारा फॉरेन रिजर्व बढ़ा है. डाटा को देखकर साफ है कि सभी तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में भारत में सबसे ज्यादा विदेशी रिजर्व आया है. आरबीआई ने इसका इस्तेमाल कर डॉलर-रुपये के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित रखने का काम किया है ताकि इसका विपरीत असर अर्थव्यवस्था पर न पड़े.
सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि कोरोना हो या रूस-यूक्रेन के युद्ध के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ने वाली व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि आज भी रुपया मजबूत है. उन्होंने कहा कि दुख की बात है अर्थव्यवस्था के मजबूत होने के बावजूद कुछ विपक्षी नेताओं को कष्ट हो रहा है.