नई दिल्ली: वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मोर्गन स्टेनले ने कहा है कि भारत असमान लेकिन धीरे-धीरे पुनरूद्धार के रास्ते पर है। उसने अपनी शोध रिपोर्ट में यह भी कहा है कि देश में बैंक मियादी जमा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली संपत्ति रही है।
मोर्गन स्टेनले के अनुसार चार प्रमुख मनदंडों जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति, चालू खाते के संतुलन तथा राजकोषीय संतुलन के नजरिये से भारत की वृहत अर्थव्यवस्था के लिए 2015 अच्छा वर्ष रहा। लेकिन इससे शेयर बाजार के लिए शानदार रिटर्न नहीं आया।
वर्ष 2014 के विपरीत इस साल शेयरों (बीएसई 100) से प्रतिफल पिछले साल से नकारात्मक 6.4 प्रतिशत कम रहा। वहीं 2014 में इस खंड में 32 प्रतिशत प्रतिफल मिला था। पिछले साल इस समय बाजार को लेकर सोच काफी सकारात्मक थी और वह 2015 में शेयर बाजार के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे। इसका कारण सुधारों को गति देने वाली सरकार तथा अर्थव्यवस्था में सुधार थे।
दिलचस्प बात यह है कि भारत में बैंक मियादी जमाओं का प्रदर्शन शेयर, सोना एवं संपत्ति से बेहतर रहा। वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी ने कहा कि अल्पकाल में वृहत आर्थिक बुनियाद का बाजार के रिटर्न के साथ बाजार रिटर्न के साथ सकारात्मक सह-संबंध नहीं रहा। मोर्गन स्टेनले ने कहा, ‘‘भारत असमान, धीरे धीरे सुधार के रास्ते पर अग्रसर है और केवल साल बदलने का यह मतलब नहीं है कि वास्तविक स्थिति बदल जाएगी।’’