खास बातें
- भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग गतिविधियों पर भारत सरकार ने 2013 की पहली तिमाही में 1.80 लाख डॉलर या लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
वाशिंगटन: भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों पर अमेरिकी सांसदों के बीच लॉबिंग गतिविधियों पर भारत सरकार ने 2013 की पहली तिमाही में 1.80 लाख डॉलर या लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
अमेरिकी संसद में पेश लॉबिंग गतिविधियों पर ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल मिलाकर भारत सरकार ने सितंबर, 2005 में लॉबिंग शुरू कराने के बाद लाबिंग फर्म बॉर्बर ग्रिफिथ एंड रॉजर्स एलएलसी (बीजीआर) को करीब 50 लाख डॉलर (25 करोड़ रुपये से अधिक) का भुगतान कर चुकी है।
अमेरिका में लॉबिंग एक वैध काम है, लेकिन सांसदों के बीच लॉबिंग करने वाली फर्म को अनिवार्य रूप से सीनेट के समक्ष उसकी जानकारी देनी होती और खर्च आदि का विवरण एक तय फार्म पर भरकर जमा कराना होता है।
बीजीआर ने भारत सरकार की ओर से ताजा लॉबिंग रिपोर्ट कल जमा कराई। इसमें बताया गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों संबंधी से जुड़े मामलों पर लॉबिंग के लिए उसे भारत सरकार से 1.80 लाख डॉलर की आय हुई भारत की ओर से बीजीआर ने अमेरिकी सीनेट, प्रतिनिधि सभा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर), विदेश विभाग और वाणिज्य विभाग के समक्ष लॉबिंग की।
31 मार्च, 2013 को समाप्त तिमाही में जिन अन्य भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में लॉबिंग की उनमें ओएनजीसी विदेश लि., साफ्टवेयर उद्योगों के संगठन नास्काम तथा स्टर्लिंग बायोटेक शामिल हैं।