खास बातें
- वर्ष 2012 में चीन, अमेरिका और जापान विश्व के शीर्ष तीन सबसे बड़े वाहन बाजार रहे और भारत छठे पायदान पर था, जबकि ब्राजील चौथे और जर्मनी पांचवें पायदान पर था।
नई दिल्ली: भारत 2016 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन जाएगा, भले ही पिछले आठ महीने से वाहनों की बिक्री में गिरावट का रुख बना हुआ है।
आईएचएस ऑटोमोटिव की मानें, तो घरेलू वाहन बिक्री के बल पर भारत वाहन बाजार में जापान, जर्मनी और ब्राजील को भी पीछे छोड़ देगा। कोलोराडो स्थित कंपनी ने कहा कि यद्यपि 2012 और 2013 में उपभोक्ताओं की धारणा कमजोर बनी हुई है, लेकिन भारत 2014 के बाद पुन: तेजी की पटरी पर लौट आएगा।
आईएचएस के वरिष्ठ प्रधान अर्थशास्त्री चार्ल्स चेसब्रो ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि 2016 तक वाहनों की बिक्री के मामले में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाजार होगा और वह ब्राजील, जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ देगा। वर्ष 2012 में चीन, अमेरिका और जापान विश्व के शीर्ष तीन सबसे बड़े वाहन बाजार रहे और भारत छठे पायदान पर था, जबकि ब्राजील चौथे और जर्मनी पांचवें पायदान पर था।