यह ख़बर 19 अप्रैल, 2013 को प्रकाशित हुई थी

भारत निवेश पर प्रतिबंध नहीं लगा रहा है : चिदंबरम

खास बातें

  • चिदंबरम ने कहा, अब भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो अंतराष्ट्रीय बाजार के लिए बंद हैं या प्रतिबंधित हैं। उन्हें भी खोल दिया जाएगा, लेकिन जिन क्षेत्रों को खोला जा रहा है वे काफी बड़े हैं। वे सभी क्षेत्र विनिर्माण से संबंधित हैं।
वाशिंगटन:

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने भारत की ओर से निवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात को आज खारिज करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के दरवाजे क्रमिक तरीके से अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए खुल रहे हैं।

चिदंबरम ने एक लोकप्रिय कार्यक्रम चार्ली रोज शो में एक साक्षात्कार के दौरान कहा, मुझे लगता है कि सही नजरिये से देखने का तरीका यह है कि हम प्रतिबंध नहीं लगा रहे हैं। हम धीरे-धीरे अपनी अर्थव्यवस्था खोल रहे हैं। हम 1991 में कहां थे और अब 2013 में हम कहां हैं?

इन 22 वर्षों के अंतराल में हमने भारत की लगभग 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था खोल दी है। उन्होंने कहा, अब भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो अंतराष्ट्रीय बाजार के लिए बंद हैं या प्रतिबंधित हैं। उन्हें भी खोल दिया जाएगा, लेकिन जिन क्षेत्रों को खोला जा रहा है वे काफी बड़े हैं। वे सभी क्षेत्र विनिर्माण से संबंधित हैं।

इस्पात, बिजली, सड़कें, हवाईअड्डे और बंदरगाहें - ये सभी क्षेत्र खुले हुए हैं। इन क्षेत्रों में निवेशकों के लिए काफी अवसर हैं। 1991 के बाद से उदारीकरण के 22 वर्षों में 90 प्रतिशत अर्थव्यस्था को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए खोल दिए जाने का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि यदि भारत लगातार सात वर्षों तक आठ प्रतिशत की दर से विकास करता है तो वह ‘बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था’ बन सकता है।

चिदंबरम ने कहा, देखिये, सबसे खराब वर्ष में हमारी बचत दर 30 प्रतिशत थी, लेकिन सर्वश्रेष्ठ वर्ष में हमारे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर के 36 प्रतिशत के बराबर थी। हमारी संभावित विकास दर करीब आठ प्रतिशत है। उन्होंने कहा, जिस तरह चीन ने 10 फीसदी की दर से 10 वर्ष तक विकास किया यदि हम भी उसी तरह सात, आठ या 10 वर्ष तक आठ प्रतिशत की दर से विकास करना जारी रखते हैं तो हम एक बहुत बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। चिदंबरम इस समय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक में हिस्सा लेने के लिए वाशिंगटन में हैं। उन्होंने आईएमएफ, विश्व बैंक और जी-24 से संबंधित द्विपक्षीय और समूह बैठकों की शृंखला में भाग लिया।

भारत में सरकार के साथ संयुक्त उपक्रमों को प्रोत्साहित नहीं करने की बात पर चर्चा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि नई दिल्ली में अधिकतर क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी है।

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उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, निवेशक यदि निजी साझीदार का चुनाव करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। वास्तव में हम उसे सरकार के साथ संयुक्त उपक्रम के लिए प्रोत्साहित नहीं करते हैं। चार्ली रोज ने कहा, भारत के बारे में यह तर्क दिया जाता है कि वहां शासन में कमियां है और राजनीति में सुधार की जरूरत है। मुझे लगता है कि ऐसा शायद गोल्डमैन साक्स के जिम ओ नील ने कहा था। आपको लगता है कि यह सही है? आप बता सकते हैं कि वह क्या कह रहे हैं? चिदंबरम ने इसके जवाब में कहा कि यह सच है, लेकिन आपको यह बता दूं कि यह हर देश के लिए सच है। हर देश में कामकाज का तरीका बेहतर हो सकता है।