खास बातें
- आईएमएफ ने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2011-12) में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 7.5 से 7.75 प्रतिशत के बीच रहेगी।
वाशिंगटन: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2011-12) में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 7.5 से 7.75 प्रतिशत के बीच रहेगी। आईएमएफ का मानना है कि निवेश की रफ्तार घटने तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था की धीमी गति से भारत की वृद्धि दर कम रहेगी। 2010-11 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत रही थी। आईएमएफ ने अपने विश्व आर्थिक परिदृश्य में कहा है कि भारत की वृद्धि दर 7.5 से 7.75 प्रतिशत रहेगी। भारत में वृद्धि दर में निजी खपत का योगदान होगा। यह रपट आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक से पहले जारी की गई है। इस बैठक में भारत के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी भाग ले रहे हैं। आईएमएफ ने कहा कि भारत के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती महंगाई पर काबू की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कई बार वृद्धि के बावजूद ऋण की मांग मजबूत बनी हुई है। रिजर्व बैंक और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद का अनुमान है कि 2011-12 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 8 प्रतिशत रहेगी। आईएमएफ ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक आर्थिक संकट की मार झेलनी पड़ेगी। चीन की सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 9 से 9.5 प्रतिशत के बीच रहेगी।