नोटबंदी की मार : आईएमएफ ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान और घटाया

नोटबंदी की मार : आईएमएफ ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान और घटाया

आईएमएफ से पहले विश्व बैंक ने भी भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटा दिया था.

वाशिंगटन:

नोटबंदी के बाद उपभोग के मोर्चे पर भारतीय अर्थव्यवस्था को अस्थायी झटके के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वृद्धि दर के अनुमान को और कम कर दिया है.

आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है. पहले उसने 7.6 प्रतिशत वृद्धि दर का अनुमान लगाया था.

आईएमएफ ने सोमवार को जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य अपडेट में कहा है, 'भारत के लिए चालू वित्त वर्ष के वृद्धि दर के अनुमान को एक प्रतिशत घटाया गया है, वहीं अगले साल के लिए इसमें 0.4 प्रतिशत की कटौती की गई है.'

इससे पूर्व विश्व बैंक ने भी 2016-17 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान घटाकर सात प्रतिशत कर दिया था. पहले विश्व बैंक ने वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.

आईएमएफ ने कहा कि 2016 में सुस्ती के बाद 2017 और 2018 में आर्थिक गतिविधियां विशेष रूप से उभरते बाजारों तथा विकासशील देशों में रफ्तार पकड़ेंगी. विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं दोनों में 2017-18 में वृद्धि दर क्रमश: 3.4 और 3.6 प्रतिशत रहेगी, जो अक्टूबर में लगाए गए अनुमान के समान ही है.
(इनपुट भाषा से)


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