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RAW में कैसे मिलती है नौकरी और कैसे चुने जाते हैं सीक्रेट एजेंट

How to get job in RAW: हर देश की तरह भारत की भी टॉप खुफि‍या एजेंसी है रॉ (RAW). RAW का फुल फॉर्म है- रिसर्च एंड एनालिसिस विंग. इसकी स्थापना 1968 में की गई थी.

RAW में कैसे मिलती है नौकरी और कैसे चुने जाते हैं सीक्रेट एजेंट

How to get job in RAW: फिल्‍मों में अक्‍सर आपने देखा होगा कि हर देश के सीक्रेट एजेंट्स होते हैं. जो देश की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हैं और देश के लिए जान देने को तैयार रहते हैं. ऐसा नहीं है कि फिल्‍मों के लिए ये काल्‍पनिक किरदार रचे गए हैं, बल्कि इनकी प्रेरणा रियल लाइफ हीरोज से ली गई होती है. हर देश की तरह भारत की भी टॉप खुफि‍या एजेंसी है रॉ (RAW). RAW का फुल फॉर्म है- रिसर्च एंड एनालिसिस विंग. इसकी स्थापना 1968 में की गई थी.

RAW में कैसे मिलती है नौकरी 
रॉ में सीधी तौर पर वैकेंसी निकालकर भर्तियां नहीं की जाती हैं. बल्कि यहां कई डिपार्टमेंट से टॉप ऑफिसर प्रमोट करके लिए जाते हैं. रॉ हमेशा ही पहले से कार्यरत सरकारी अधिकारियों को काम पर रखता है. ये लोग अपने-अपने फील्‍ड के महारथी होते हैं जो रॉ में विभिन्‍न तरह के कार्य करते हैं. यहां कर्मचारियों का डाटा और उन्‍हें मिलने वाली सुविधाओं का आंकड़ा कभी जारी नहीं किया जाता. बिल्‍कुल फिल्‍मों की ही तरह, इनकी पहचान गोपनीय होती है. 

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कैसे चुने जाते हैं सीक्रेट एजेंट 
सीक्रेट एजेंट को पुलिस सेवा, आईबी, सशस्‍त्र बल आदि से चुना जाता है. इसके अलावा आईएएस, आईपीएस, आईआरएस, आईएफएस अधिकारियों को शामिल किया जाता है. रॉ एजेंट बनने के लिए ऐसे लोग चुने जाते हैं जो शारीरिक और मानसिक तौर पर स्‍वस्‍थ हों. 

रॉ में किस तरह के पद 
ऐसा नहीं है कि रॉ में केवल सीक्रेट एजेंट्स ही होते हैं. इनके अलावा विश्‍लेषक, क्‍लर्क, अकाउंटेंट, स्‍टेनोग्राफर जैसे कई पद होते हैं. चूंकि रॉ, देश के प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है, इसलिए ये सभी सूचनाएं गुप्‍त रखी जाती हैं.

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