खास बातें
- आईएमएफ यानि इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड ने भारत की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है जबकि जुलाई में आईएमएफ ने 6.1 का पूर्वानुमान लगाया था।
नई दिल्ली: आर्थिक संकट से लगातार जूझ रही केंद्र सरकार को एक और झटका लगा है। आईएमएफ यानि इंटरनेशनल मॉनिटरिंग फंड ने भारत की आर्थिक विकास दर के पूर्वानुमान को घटाकर 4.9 फीसदी कर दिया है जबकि जुलाई में आईएमएफ ने 6.1 का पूर्वानुमान लगाया था।
आईएमएफ ने भारत में निवेश और व्यापार के गिरते माहौल, बढ़ती मुद्रास्फीति और पिछले कुछ महीनों में डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये को घटते विकास दर की वजह माना है। आईएमएफ का मानना है कि पूरे एशिया में तो कीमतों में गिरावट दर्ज की जाएगी लेकिन भारत में बढ़ती कीमतों का दबाव बना रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में डॉलर की तुलना में रुपया काफी मजबूत हुआ है और केंद्र सरकार की एफडीआई के मुद्दे पर पहल के बाद भारत को आईएमएफ द्वारा ऐसा किए जाने की उम्मीद नहीं थी।