खास बातें
- देश में कमज़ोर मॉनसून का असर ज़मीन पर दिखने लगा है। कृषि मंत्रालय की तरफ से लोक सभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक इस साल आठ अगस्त तक खरीफ फसल की बुआई 855 लाख हेक्टेयर से घटकर 802 लाख हेक्टेयर तक सिमट गई है यानी खराब मॉनसून की वजह से बुआई का क्षेत्र 52 लाख हेक्ट
नई दिल्ली: देश में कमज़ोर मॉनसून का असर ज़मीन पर दिखने लगा है। कृषि मंत्रालय की तरफ से लोक सभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक इस साल आठ अगस्त तक खरीफ फसल की बुआई 855 लाख हेक्टेयर से घटकर 802 लाख हेक्टेयर तक सिमट गई है यानी खराब मॉनसून की वजह से बुआई का क्षेत्र 52 लाख हेक्टेयर घट चुका है।
बुआई कम क्षेत्र में होगी तो अनाज का उत्पादन घटेगा और किसानों की मुश्किलें बढ़ेंगी। ऐसे में भारत सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।
कृषि राज्य मंत्री हरीश रावत ने लोकसभा को बताया कि 320 ज़िलों यानी देश के आधे हिस्से के लिए आपात योजना तैयार कर ली गई है। साथ ही, राज्य सरकारों को वैकल्पिक योजना तैयार करने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान में पीने के पानी की कमी हो गई है। साथ ही मवेशियों के चारे की भी क़िल्लत है।
यह पहला मौका है जब भारत सरकार ने देश के करीब आधे हिस्से के लिए आपात योजना तैयार करने की बात की है। अब आने वाले दिनों में प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के साथ−साथ सरकार को महंगाई से निपटने की रणनीति भी तैयार करनी होगी।