IdeaForge Technology IPO: इस आईपीओ के तहत बनाने वाली ये कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 240 करोड़ रुपये जुटाएगी.
नई दिल्ली: इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ (IPO) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. अगर आप आईपीओ में पैसे लगाकर तगड़ी कमाई करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए यह एक शानदार मौका है. आज यानी 26 जून को ड्रोन बनाने वाली कंपनी आइडिया फोर्ज टेक्नोलॉजी (IdeaForge Technology Ltd.) का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है. लेकिन इसमें आपको पैसे लगाने चाहिए या नहीं, इसका फैसला करने से पहले आपको इस IPO और कंपनी के बारे में अच्छी कर लेनी चाहिए. तो चलिए आपको कंपनी के काम से लेकर उसकी कमाई और अन्य चीजों के बारे में डिटेल में बता देते हैं.
कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 240 करोड़ रुपये जुटाएगी
कंपनी का IPO आज से पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला है और इसमें आप 29 जून तक निवेश कर सकते हैं. कंपनी ने इस इश्यू के जरिए 567 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है. इस आईपीओ के तहत बनाने वाली ये कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए 240 करोड़ रुपये जुटाएगी, जबकि 48,69,712 इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाया जाएगा.
IdeaForge IPO का प्राइस बैंड 638-672 रुपये तय
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी ने आईपीओ का प्राइस बैंड (IdeaForge IPO Price Band) 638-672 रुपये प्रति शेयर तय किया है. कंपनी के मुताबिक, निवेशकों के लिए लॉट साइज 22 शेयरों का है. इसका मतलब ये है कि एक बार में कम से 22 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. यानी अपर बैंड पर 14,784 रुपये न्यूनतम निवेश करना होगा.
आईपीओ के जरिए जुटाई रकम का कर्ज चुकाने में होगा इस्तेमाल
आपको बता दें कि कंपनी इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम में से 50 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में करेगी, जबकि135 करोड़ वर्किंग कैपिटल में, 40 करोड़ रुपये प्रोडक्ट डेवलपमेंट में और बाकी बचे पैसों का इस्तेमाल दूसरे कॉर्पोरेट खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा.
पिछले हफ्ते आइडियाफोर्ज ने संस्थागत निवेशकों से प्री-IPO प्लेसमेंट राउंड में 60 करोड़ रुपये जुटाए थे. जिसमें टाटा AIG जनरल इंश्योरेंस, 360 वन स्पेशल ऑपोर्चयूनिटीज फंड सीरीज 9-10, मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड और थिंक इनवेस्टमेंट शामिल हैं. मार्च 2023 तक आइडियाफोर्ज की ऑर्डरबुक 192.27 करोड़ रुपये है.
आइडियाफोर्ज से जुड़ी डिटेल
आइडिया फोर्ज डुअल यूज़ यानी सिक्योरिटी और सिविल दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए ड्रोन्स बनाती है. कंपनी के पास आर्मी, डीआरडीओ और स्टेट पुलिस के लिए ड्रोन्स बनाने के प्रोजेक्ट्स हैं. साल 2021 में कंपनी ने आर्मी के साथ 20 मिलियन डॉलर यानी लगभग 160 करोड़ रुपये की डील की थी. इसके तहत कंपनी को आर्मी की सर्विलांस के लिए 200 ड्रोन बनाकर देने हैं.
मुंबई बेस्ड इस कंपनी की स्थापना साल 2007 में हुई. ये कंपनी देश में सबसे ज्यादा घरेलू मानवरहित ड्रोन बेचती है. इस कंपनी के निवेशकों में क्वालकॉम एशिया, इंफोसिस और सेलेस्टा कैपिटल सहित कई और निजी इक्विटी निवेशकों का नाम शामिल हैं. मैथ्यू सिरिएक प्रमोटेड फ्लोरिंट्री एंटरप्राइजेज 11.85% हिस्सेदारी के साथ कंपनी में सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है.