नई दिल्ली: वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी HSBCने घरेलू संकेतकों में सुधार और बेहतर वास्तविक कापरेरेट लाभ की उम्मीद के मद्देनजर भारत के लिए दर्जा बढ़ाकर 'ओवरवेट' (अधिक आशावादी) किया है। कंपनी ने 2016 के अंत तक के लिए सेंसेक्स का लक्ष्य भी 26,000 से बढ़ाकर 28,500 कर दिया है।
एचएसबीसी ने एक अनुसंधान रपट में कहा, 'हम भारत को तटस्थ से बढ़ाकर अधिक उम्मीद का दर्जा दे रहे हैं। भारत अनिश्चित होती निवेश की दुनिया में अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षात्मक बाजार (वैश्विक तत्वों से सबसे कम प्रेरित) है।' रपट के मुताबिक घरेलू स्तर पर भारत सबसे उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएं पेश करने वाला देश है। सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर बढ़ रही है, बजट घाटा कम हुआ है, आर्थिक आंकड़ों में तेजी आ रही है और हालिया कापरेरेट लाभ के आंकड़ों से मांग में बढ़ोतरी का संकेत मिलता है।
रपट में कहा गया, 'हमारा मानना है कि भारतीय शेयर बाजार के शेयरों में कई वजहों- वृहत्-स्थिति में सुधार, वैश्विक वृद्धि के लिए जोखिम बढ़ने के दौरान सुरक्षात्मक विशिष्टताओं में अपेक्षाकृत सुधार और इक्विटी की लागत में कमी] जैसे कई कारणों से ऐतिहासिक औसत के मुकाबले कई गुना ऊपर कारोबार करने की पात्रता रखता है।'
रपट के मुताबिक बुवाई की धीमी शुरुआत के बाद कपास और तिलहन को छोड़कर ज्यादातर फसलों की बुवाई में तेजी दर्ज हो रही है और कुछ हद तक मुद्रास्फीति पर नियंत्रण तथा ग्रामीण खरीद शक्ति एवं आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।इसके अलावा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को भी भारत में उपभोग बढ़ाने के लिए एक अन्य प्रेरक के तौर पर देखा जा रहा है।
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