यह ख़बर 09 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'2011-12 में विकास दर घटकर 8.1% रहेगी'

खास बातें

  • वैश्विक बैंक एचएसबीसी के एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री का अनुमान है कि अगले वित्तवर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 8.1 प्रतिशत पर आ जाएगी।
Mumbai:

वैश्विक बैंक एचएसबीसी के एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री का अनुमान है कि अगले वित्तवर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 8.1 प्रतिशत पर आ जाएगी। इसके साथ ही मुद्रास्फीति भी 6.6 प्रतिशत तक रहेगी, जो संतोषजनक स्तर से ऊंचा है। चालू वित्तवर्ष की वृद्धि के मामले में एचएसबीसी का अनुमान सरकार के मुकाबले ज्यादा उत्साहवर्धक है। बैंक के अनुसार कि चालू वित्तवर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर 9.1 फीसदी रहेगी, वहीं मार्च अंत तक महंगाई की दर 6. 5 से 7 प्रतिशत के बीच रहेगी। सरकार का अनुमान है कि इस वित्तवर्ष में आर्थिक वृद्धि 8.6 प्रतिशत रहेगी। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने इसे मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार संतोषजनक बताया है। एचएसबीसी के भारत तथा आसियान वैश्विक अनुसंधान के लिए मुख्य अर्थशास्त्री लीफ एस्केसेन ने कहा, भारतीय रिजर्व बैंक महंगाई पर अंकुश के लिए मौद्रिक नीति को कड़ा करेगा तथा पिछले साल का आधार प्रभाव भी रहेगा, ऐसे में 2011-12 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 8.1 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति की दर 7 प्रतिशत के आसपास बनी रहेगी, ऐसे में 2011 कैलंडर वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगत दरों में एक प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की संभावना है। एस्केसेन ने कहा कि अभी तक सेवा और विनिर्माण क्षेत्र की गति बनी हुई है, पर आगे चलकर वृद्धि दर में कमी से इसकी रफ्तार भी घटेगी। उन्होंने कहा कि चालू वित्तवर्ष में भारत की वृद्धि दर को मजबूत घरेलू मांग से रफ्तार मिली है। अभी तक विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की रफ्तार अच्छी रही है।


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