खास बातें
- अगर टाटा मोटर्स, महिंद्रा और टाटा स्टील जैसी कंपनियां बेहतर नतीजे पेश करती हैं तो, इस सप्ताह बाजार में ताजा लिवाली देखने को मिल सकती है।
New Delhi: मुद्रास्फीति में नरमी के रुख के बीच अगर टाटा मोटर्स, महिंद्रा और टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनियां बेहतर तिमाही नतीजे पेश करती हैं तो, इस सप्ताह शेयर बाजार में ताजा लिवाली देखने को मिल सकती है। मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज के सहायक उपाध्यक्ष और तकनीकी शेयरों के वरिष्ठ विश्लेषक पराग डाक्टर ने कहा, हम कच्चे तेल और खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण बाजार में ताजा लिवाली की उम्मीद करते हैं। बाजार में केवल चिंता मुद्रास्फीति, कच्चे तेल तेजी और घरेलू राजनीतिक अस्थिरता को लेकर है। विश्लेषकों ने कहा कि बाजार को इस सप्ताह विदेशी धन के प्रवाह पर निगाह रखनी चाहिए। आईआईएफएल के (इंडिया प्रा. क्लायंट्स) के शोध प्रमुख अमर अंबानी ने कहा, विदेशी संस्थागत निवेशकों का प्रवाह सकारात्मक होना चाहिए। इसके लिए मुद्रास्फीति में नरमी जारी रहनी चाहिए। बाजार विश्लेषकों ने आगे कहा कि इस सप्ताह निवेशकों की नजर वायदा एवं विकल्प अनुबंध की समय सीमा की समाप्ति पर रहेगी। बाजार में कुछ और लाभ दर्ज हो सकता है, बशर्ते कि विदेशी संकेत सकारात्मक रहें तथा टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और कोल इंडिया के नतीजे बाजार का मूड न बिगाड़ें। एक विशेषज्ञ ने कहा कि 7 मई को समाप्त सप्ताह में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 18 महीने के निम्न स्तर यानी 7.47 प्रतिशत रहने से इस सप्ताह बाजार कुछ राहत की सांस ले सकता है। बीते सप्ताह यानी 21 मई को समाप्त सप्ताह के दौरान बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 205 अंक अथवा 1.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,326 अंक पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह के आखिरी दिन बाजार में सौदों की कमी को पूरा करने के लिए भारी लिवाली हुई, लेकिन इसके बावजूद बाजार में गिरावट आई। विदेशी निधियों की सतत बिकवाली और ब्याज दरों में वृद्धि के कारण निगमित कंपनियों के मुनाफे प्रभावित होने की आशंका से कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। पेट्रोल कीमतों में भारी वृद्धि और अगले सप्ताह डीजल कीमतों में वृद्धि किए जाने की उम्मीदों से मुद्रास्फीति और बढ़ने की आशंका पैदा हुई है। पिछले सप्ताह जहां रीयल्टी, बैंकिंग और तेल एवं गैस के शेयरों में भारी गिरावट आई, वहीं लार्सन एंड टुब्रो के उम्मीद से बेहतर कार्यपरिणाम के कारण पूंजी माल खंड के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।