यह ख़बर 17 जनवरी, 2014 को प्रकाशित हुई थी

सेवाकर माफी योजना से सरकारी खजाने में आए 7,700 करोड़ रुपये

नई दिल्ली:

सेवाकर माफी योजना से सरकारी खजाने में 7,700 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। वित्त मंत्रालय ने स्वैच्छिक अनुपालन प्रोत्साहन योजना (वीसीईएस) 10 मई, 2013 को शुरू की थी। इसमें सेवाकर दाताओं को पुराने बकाया का भुगतान बिना जुर्माने एवं विलंब शुल्क के चुकाने की सुविधा दी गई। योजना 31 दिसंबर, 2013 को बंद हो गई।

अधिकारी ने बताया, सरकार को सेवाकर माफी योजना के तहत 7,700 करोड़ रुपये की कर राशि प्राप्त हुई है। इसमें निर्माण और ठेका कार्य करने वाले सेवाकर दाताओं की तरफ से सबसे ज्यादा घोषणा की गई। इसके बाद ट्रांसपोर्ट और नियुक्ति कार्यों में लगी कंपनियों का रहा।

सरकार को सेवाकर अनुपालन योजना के तहत 7,700 करोड़ रुपये की राशि मिलने से चालू वित्तवर्ष के दौरान 1.80 लाख करोड़ रुपये के सेवाकर लक्ष्य को हासिल करने में कुछ राहत मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने इस योजना का लाभ उठाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में उद्यमियों और उद्योग संगठनों से मुलाकात की। सरकार के एक अनुमान के अनुसार सेवाकर दाता के तौर पर पंजीकृत 17 लाख में से केवल 7 लाख ही सेवाकर भुगतान कर रहे हैं।


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