गणतंत्र दिवस परेड में मोदी सरकार की आर्थिक-सामाजिक पहलों के दर्शन

परेड में 'मेक इन इंडिया' पर आधारित झांकी भी निकाली गई

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 'मेक इन इंडिया' और 'जन धन' योजना को 66वें गणतंत्र दिवस परेड में प्रमुखता से शामिल किया गया। परेड के दौरान इनकी झांकियां भी राजपथ पर निकाली गईं।

वित्त सेवा विभाग की झांकी 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' पर आधारित थी, जिसमें अभियान की विशिष्टता को दिखाया गया।

इस योजना का लक्ष्य सभी भारतीयों के बैंक खाते खोलना और कमजोर वर्गों और निम्न आय वालों को लाभान्वित करना है। औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग की झांकी में 'मेक इन इंडिया' को पेश किया गया और उसमें स्मार्ट सिटी की पृष्ठभूमि के बीच मशीन से बना शेर दिख रहा था। इसका लक्ष्य भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ प्रधानमंत्री की एक अन्य पहल 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' को भी परेड में शामिल किया गया। मोदी ने 22 जनवरी को हरियाणा के पानीपत में इस अभियान की शुरुआत की थी। झांकी में एक महिला अपनी नवजात कन्या शिशु को झुला रही थी, जबकि डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिकों के भेष में अन्य महिलाएं उनके आसपास नजर आईं।

मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी परियोजना 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की प्रतिकृति भी परेड में पेश की गई। यह परियोजना देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित है, जिन्होंने रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की प्रतिकृति गुजरात की झांकी में दिखाई गई, जो कि प्रधानमंत्री का गृह राज्य है। राजपथ पर कुल 25 झांकियां प्रदर्शित की गईं, जबकि पिछले साल यह संख्या 18 थी।


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