'डिफॉल्टर' बनने से बचने के लिए Future Retail की डाली गई याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

इस महीने की शुरुआत में फ्यूचर रिटेल ने कहा था कि वह बैंकों और कर्जदाताओं को तय तारीख पर 3,494.56 करोड़ रुपये की अदायगी नहीं कर सकी क्योंकि अमेजन के साथ चल रहे मुकदमे के कारण कंपनी संपत्ति नहीं बेच सकी है. उक्त राशि का भुगतान अब इस महीने के अंत तक किया जाना है.

'डिफॉल्टर' बनने से बचने के लिए Future Retail की डाली गई याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली:

फ्यूचर रिटेल लिमिटेड की NPA होने से रोक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है. इस याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई होगी. FRL की ओर से मुकुल रोहतगी ने जल्द सुनवाई की मांग की थी, इसपर गुरुवार को CJI एन वी रमना ने कहा कि वो सोमवार को सुनवाई करेंगे. दरअसल, FRL ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. फ्यूचर रिटेल ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि कंपनी को NPA या डिफॉल्टर घोषित करने से रोका जाए. इस महीने की शुरुआत में फ्यूचर रिटेल ने कहा था कि वह बैंकों और कर्जदाताओं को तय तारीख पर 3,494.56 करोड़ रुपये की अदायगी नहीं कर सकी क्योंकि अमेजन के साथ चल रहे मुकदमे के कारण कंपनी संपत्ति नहीं बेच सकी है. उक्त राशि का भुगतान अब इस महीने के अंत तक किया जाना है.

फ्यूचर रिटेल ने कर्ज अदा करने के लिए कुछ और समय मांगा है और न्यायालय से अनुरोध किया कि छोटे आकार की दुकानों के मौद्रिकरण के लिए मसौदा समझौते के तहत निर्धारित समयसीमा को दिनांक 01.01.2022 की बैठक के अनुसार बढ़ाया जाए . फ्यूचर रिटेल लिमिटेड द्वारा देय तिथि (31 दिसंबर, 2021) तक कर्ज नहीं चुकाने पर कर्जदाताओं ने उसे कोविड-19 से प्रभावित कंपनियों के लिए एकमुश्त पुर्नगठन (ओटीआर) योजना के तहत 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया है 

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फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने पिछले साल बैंकों और कर्जदाताओं के एक संघ के साथ ओटीआर योजना में प्रवेश किया था और इसके तहत उसे 31 दिसंबर, 2021 तक कुल 3,494.56 करोड़ रुपये चुकाने थे.