बिहार, बंगाल समेत पांच पूर्वी राज्यों में बिजली के लिए होगा व्यापक तालमेल

बिहार, बंगाल समेत पांच पूर्वी राज्यों में बिजली के लिए होगा व्यापक तालमेल

प्रतीकात्मक चित्र

पटना:

देश के पांच पूर्वी राज्यों - बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड तथा सिक्किम ने बिजली क्षेत्र में आपस में अधिक प्रभावी समन्वय के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय किया है।

बिहार के बिजली मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने संवाददाताओं से कहा कि बिजली क्षेत्र में बेहतर तालमेल के लिए बैठक में बिहार राज्य बिजली (होल्डिंग) कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक प्रत्यय अमृत की अगुवाई में एक समिति गठित करने का फैसला किया गया। पूर्वी क्षेत्र बिजली समिति (ईआरपीसी) की दो-दिवसीय बैठक के बाद यादव ने कहा, 'बिजली क्षेत्र में राज्यों के बीच बेहतर तालमेल हेतु पूर्वी क्षेत्र के लिये एक टीम की जरूरत है।' बैठक में भूटान तथा एनटीपीसी के अधिकारियों समेत अन्य ने भाग लिया।

समापन सत्र में विशेष रूप से आमंत्रित मंत्री ने कहा कि पांच राज्यों की भौतिक विशेषताएं एक समान है और एक ही तरह की बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं, इसीलिए संकट से पार पाने के लिए उनके बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

यादव ने कहा कि उन्होंने समूह में नेपाल को शामिल किए जाने की वकालत की जैसा कि भूटान के साथ हुआ है, क्योंकि हिमालयी देश में उत्पादित बिजली बिहार से ही गुजरती है। प्रत्यय अमृत ने बैठक में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को बिजली क्षेत्र में बिहार में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।

मंत्री ने कहा, '2005 में बिजली की उपलब्धता करीब 500 मेगावाट थी। वहीं आज बिजली की आपूर्ति 3,000 मेगावाट हो गयी है और इसके इस साल 4,000 मेगावाट पहुंच जाने की संभावना है।' उन्होंने दावा किया कि कुछ इकाइयों के चालू होने तथा मौजूदा परियोजनाओं में अतिरिक्त क्षमता सृजन के बाद बिहार में 2020-21 तक 17,000 से 18,000 मेगावाट बिजली होगी।

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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