यह ख़बर 19 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

सरकार ने 3,845 करोड़ के FDI प्रस्तावों को मंजूरी दी

खास बातें

  • सरकार ने 31 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड तथा कॉक्स एंड किंग्स के प्रस्ताव शामिल हैं।
New Delhi:

सरकार ने 3,844.7 करोड़ रुपये के 31 प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की है। इसमें मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड तथा वैश्विक यात्रा परिचालक कॉक्स एंड किंग्स के प्रस्ताव शामिल हैं। मल्टीप्लेक्स प्राइवेट इक्विटी फंड-स्कीम-1, मुंबई के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से 1,000 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आएगा। सरकार ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, उसमें यह एफडीआई का सबसे बड़ा प्रस्ताव है। वित्त मंत्रालय के अनुसार कंपनी अब भारतीय कंपनियों के प्रतिभूतियों में निवेश और इससे प्राप्त आय का वितरण कर सकती है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने पिछली बैठक में एफडीआई प्रस्ताव को मंजूरी दी। पिछले महीने एफआईपीबी की हुई बैठक में 18 प्रस्तावों पर निर्णय को टालने का निर्णय किया गया। कॉक्स एंड किंग्स को लीजर ट्रैवल सर्विसेज, कॉरपोरेट ट्रैवल सर्विसेज, वीजा प्रसंस्करण सेवा तथा विदेशी विनिमय सेवा के लिए मंजूरी मिली है। कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से 450 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। इसके अलावा मुंबई की एशवेल होल्डिंग कंपनी के 852.6 करोड़ रुपये के एफडीआई प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। जिन अन्य प्रस्तावों को मंजूरी मिली है, उसमें हिंदुजा एनर्जी (इंडिया) के 400 करोड़ रुपये का एफडीआई प्रस्ताव, केमैन आईलैंड स्थित एनसीबीजी होल्डिंग्स के रक्षा क्षेत्र में 4.45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तथा फ्रांस स्थित नैटक्सिस ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट का प्रस्ताव शामिल हैं। जिन एफडीआई प्रस्तावों पर फैसले को टाला गया है, उनमें वोडाफोन एस्सार का शेयर हस्तांतरण का प्रस्ताव तथा वाल्ट डिजनी कंपनी इंडिया का प्रस्ताव शामिल हैं। एफआईपीबीआई की अगली बैठक अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाली है।


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