यह ख़बर 06 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

यूरोपीय संघ के 15 देश नकारात्मक निगरानी में

खास बातें

  • इसका अर्थ है कि अगले 90 दिनों के भीतर इन देशों की रेटिंग घटाए जाने की 50 फीसदी सम्भावना है। इनमें छह देशों की रेटिंग अभी 'एएए' है।
न्यूयार्क:

वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने यूरोपीय संघ के 15 देशों को नकरात्मक निगरानी (क्रेडिटवाच निगेटिव) में रखा। इसका अर्थ है कि अगले 90 दिनों के भीतर इन देशों की रेटिंग घटाए जाने की 50 फीसदी सम्भावना है। इन देशों में छह देश ऐसे हैं, जिनकी रेटिंग अभी 'एएए' है। आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के कारण इन देशों को नकारात्मक निगरानी में रखा गया है। एसएंडपी ने ताजा बयान में कहा, "नकारात्मक निगरानी का कदम हमारे इस विश्वास के तहत उठाया गया है कि हाल के सप्ताह में व्यवस्थागत दबाव इस कदर बढ़ गया है कि इसने समग्र यूरोजोन की शाख पर नकरात्मक दबाव बनाना शुरू कर दिया है।" रेटिंग एजेंसी के मुताबिक व्यवस्थागत दबाव कर्ज की जोखिम भरी स्थिति, ऊंचा जोखिम प्रीमियम, यूरोपीय नीति निर्माताओं के बीच असहमति जारी रहने, सरकारों और घरों पर काफी अधिक कर्ज होने और आर्थिक मंदी के बढ़ रहे खतरे के कारण है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक इन देशों की शाख में कटौती नौ दिसम्बर को होने वाले यूरोपीय संघ के सम्मेलन के परिणामों पर निर्भर करती है। इस बीच एसएंडपी ने जहां साइप्रस की रेटिंग पर नकारात्मक निगरानी को बरकरार रखा, वहीं ग्रीस को निगरानी में नहीं रखा गया है।


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