खास बातें
- केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सख्त मौद्रिक नीति से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सख्त मौद्रिक नीति से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि विदेशों में मांग घटने के कारण निर्यात में कमी दर्ज की जा रही है।
उनके मुताबिक हालांकि यूरोपीय कर्ज संकट जैसी समस्याओं का मुकाबला करने में भारत दूसरे कई मुल्कों से बेहतर स्थिति में है और देश की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौटेगी।
मुखर्जी कारोबारी जगत की प्रतिनिधि संस्था एसोचैम के 91वें सलाना सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, "लगतार जारी वैश्विक अनिश्चितता से भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। विदेशी पूंजी के प्रवाह में उतार चढ़ाव से शेयर बाजारों और मुद्रा के मूल्य में भी उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। इससे निवेशकों के विश्वास पर असर पड़ रहा है।" उन्होंने साथ ही कहा, "वैश्विक मांग घटने के कारण निर्यात वृद्धि दर घट रही है जिसके कारण व्यापार घाटा बढ़ रहा है।" उन्होंने हालांकि भारत की स्थिति कई दूसरे मुल्कों से बेहतर बताते हुए कहा, "भारत की मजबूत स्थिति का कारण यह है कि देश की अर्थव्यवस्था मुख्यत: घरेलू मांग पर आधारित है।" उन्होंने साथ ही कहा कि सख्त मौद्रिक नीति ने भी निवेश और मांग में वृद्धि को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि सुस्ती हालांकि तात्कालिक है और अर्थव्यवस्था में तेजी वापस लौटेगी। सरकार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि मौजूदा कारोबारी साल में 6.9 फीसदी विकास दर का अनुमान है, जो कि 2010-11 में 8.4 फीसदी थी।