जीडीपी गणना का नया आधार, साल 2013-14 की आर्थिक वृद्धि सुधर कर 6.9 फीसदी

नई दिल्ली:

सरकार ने राष्ट्रीय आय की गणना के लिए अब वर्ष 2011-12 की कीमतों को तुलना का आधार बनाया है और आधार वर्ष बदलने से वित्त वर्ष 2013-14 में की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 फीसदी पर आ गई है।

इससे पहले चल रही आधार वर्ष 2004-05 की श्रृंखला के अनुसार 2013-14 की वृद्धि दर 4.7 फीसदी थी। इसी तरह नए आधार वर्ष पर आधारित गणना में वित्त वर्ष 2012-13 की आर्थिक वृद्धि दर संशोधित कर 5.1 फीसदी कर दिया गया है, जो पुरानी श्रृंखला के आधार पर 4.5 फीसदी बताई गई थी। इससे पहले, जनवरी 2010 में आधार वर्ष बदला गया था।

आज सरकारी की तरफ से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 'वर्ष 2011-12 के स्थिर मूल्य पर 2012-13 तथा 2013-14 में जीडीपी क्रमश: 92.8 लाख करोड़ रुपये तथा 99.2 लाख करोड़ रुपये रहा। इस तरह यह 2012-13 में जीडीपी में 5.1 फीसदी तथा 2013-14 में 6.9 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।'

विज्ञप्ति के अनुसार जीडीपी गणना के आधार वर्ष के साथ साथ अवधारणात्क स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। इससे विश्लेषण के लिए आंकड़ों की समझ आसान होगी और इससे अंतरराष्ट्रीय मानकों के समरूप तुलना करने में आसानी होगी।

इसमें कहा गया है कि नई श्रृंखला सार्वजनिक खर्च, कर तथा सार्वजनिक क्षेत्र के कर्ज की प्रवृत्ति जैसे संकेतकों पर भी प्रभाव डालेगी।

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हालांकि विज्ञप्ति के अनुसार मौजूदा आधार वर्ष में बदलाव से इन अनुपातों में अभी कोई इतना बड़ा बदलाव नहीं है कि उसका ज्यादा असर दिखे।