पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता.
इस्लामाबाद: बिजली बिल बढ़ने के खिलाफ पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन जारी रहने के बीच अंतरिम वित्तमंत्री शमशाद अख्तर ने बुधवार को कहा कि देश की आर्थिक स्थिति ‘अनुमान से कहीं ज्यादा खराब' है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के साथ जताई गई प्रतिबद्धताओं के कारण लोगों के बोझ को कम करने के लिए सब्सिडी देने की कोई ‘राजकोषीय गुंजाइश' नहीं है.
पाकिस्तान ने जून में आईएमएफ से सख्त शर्तों के तहत तीन अरब डॉलर का महत्वपूर्ण ऋण प्राप्त किया. इन शर्तो में बिजली शुल्क बढ़ाना और सभी सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना शामिल है.
अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार सीनेट (उच्च सदन) की स्थायी समिति की बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति ‘अनुमान से कहीं ज्यादा खराब' है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के साथ जताई गई प्रतिबद्धताओं के कारण लोगों के बोझ को कम करने के लिए सब्सिडी देने की कोई ‘राजकोषीय गुंजाइश' नहीं है.
पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में बिजली के बढ़े हुए बिलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और लोग राहत की मांग कर रहे हैं.