यह ख़बर 26 फ़रवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

डीजल की कीमत बढ़ी तो रेल माल भाड़ा भी बढ़ेगा

खास बातें

  • अप्रैल 2013 से रेलवे का माल भाड़ा ईंधन की कीमत बढ़ने या घटने पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
नई दिल्ली:

अप्रैल 2013 से रेलवे का माल भाड़ा ईंधन की कीमत बढ़ने या घटने पर बढ़ाया या घटाया जा सकता है।

रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने लोकसभा में कहा कि डीजल को नियंत्रण मुक्त किए जाने के मद्देनजर रेलों के वित्त को युक्तिसंगत बनाने की आवश्यकता है तथा परिचालन खर्च पर ईधन मूल्यों के प्रभाव को निष्प्रभावी करने के लिए एक तंत्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि 2012-13 के बजट में पूर्ववर्ती मंत्री ने परिवहन सेवाओं में ईंधन घटक को ईंधन समायोजन घटक के रूप में अलग करने का प्रस्ताव किया था।

‘मैं प्रस्ताव करता हूं कि जैसा उस समय सुझाव दिया गया था, इस घटक को गतिशील किस्म का बनाया जाए तथा ईंधन की लागत में परिवर्तन के साथ इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। संभवत: ऐसा वर्ष में दो बार किया जा सकता है।’

बंसल ने कहा कि जहां तक यात्री किरायों का संबंध है, चूंकि इस साल जनवरी में ही किराये बढ़ाये गए हैं, इसलिए वह अब यात्रियों पर अब और बोझ नहीं डालना चाहते। रेलवे स्वयं ही 850 करोड़ रुपये के बोझ को वहन करेगी।

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चुनावी वर्ष में सीधे तो नहीं लेकिन रेल मंत्री ने परोक्ष संकेत दिया कि अगली बार से ईंधन के दाम बढ़ने पर यात्री किराया भी बढ़ाया जा सकता है।