विमान यात्रियों के अभद्र आचरण रोकने के लिए किसी नए कानून की जरूरत नहीं : डीजीसीए प्रमुख

कुमार ने इस बात पर जोर भी दिया कि विमान यात्रियों के अभद्र व्यवहार के मामलों से निपटने के लिए मौजूदा नियम फिलहाल पर्याप्त हैं.

विमान यात्रियों के अभद्र आचरण रोकने के लिए किसी नए कानून की जरूरत नहीं : डीजीसीए प्रमुख

प्रतिकात्मक फोटो

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के प्रमुख अरुण कुमार ने कहा है कि हवाई यात्रा के दौरान विमानों में यात्रियों के अभद्र व्यववहार की घटनाएं नियंत्रण में हैं और नियमों को सख्ती से लागू किया गया है, जबकि पहले वांछित स्तर पर इनका क्रियान्वयन नहीं हो पाता था. कुमार ने इस बात पर जोर भी दिया कि विमान यात्रियों के अभद्र व्यवहार के मामलों से निपटने के लिए मौजूदा नियम फिलहाल पर्याप्त हैं.

हाल के महीनों में यात्री विमानों में कुछ यात्रियों के अभद्र व्यवहार की कुछ घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में एक पुरुष यात्री ने विमान में सवार एक महिला यात्री पर पेशाब कर दिया था. इन घटनाओं को लेकर डीजीसीए ने संबंधित यात्रियों के विमान में यात्रा पर प्रतिबंध लगाने समेत कई कड़े कदम भी उठाए.

इन घटनाओं की पृष्ठभूमि में डीजीसीए प्रमुख ने कहा कि यात्रियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे विमान के भीतर अभद्र व्यवहार करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें.

आगामी 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे कुमार ने कहा, ‘‘यात्री विमानों में व्यवस्था कायम रहनी चाहिए और यात्रा कर रहे हर यात्री को नियमों का पालन करना होता है. इस संदर्भ में नियम मौजूद हैं. बहरहाल, वांछित स्तर तक नियमों का क्रियान्वयन नहीं था जिस कारण विमानों में कुछ शर्मनाक घटनाएं हुईं.''

उनका कहना था कि चीजों में काफी सुधार हो रहा है और जब भी जरूरत होती है तो नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है.

डीजीसीए प्रमुख ने कहा, ‘‘देश में औसतन 4.5 लाख घरेलू हवाई यात्री और एक लाख अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्री हैं. यात्रियों द्वारा अभद्र व्यवहार की घटनाएं होती हैं, लेकिन ये नियंत्रण में हैं और कार्रवाई की जा रही है.''

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एक सवाल के जवाब में कुमार ने कहा, ‘‘इस समय जो भी नियम हैं वो पर्याप्त हैं. विमानन क्षेत्र में भारत के पास सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा मानक हैं.''