यह ख़बर 10 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

डीजीसीए के नए नियम, पायलटों को मिलेगी राहत

खास बातें

  • खराब मौसम या आपात स्थिति में विमान उड़ाने से मना करने या अनिर्धारित तरीके से विमान उतारने पर पायलटों को कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
New Delhi:

खराब मौसम या आपातकाल की स्थिति में विमान उड़ाने से मना करने या अनिर्धारित तरीके से विमान उतारने पर हेलीकॉप्टर पायलटों को अब कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) इस बारे में नए निर्देश जारी कर रहा है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, डीजीसीए ने निर्देश दिया है कि आपातकाल या खराब मौसम की स्थिति में अगर पायलट अनिर्धारित तरीके से विमान उतारता है, तो उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने निर्देशों के हवाले से बताया कि ऐसी स्थिति में पायलटों को फौरन किसी भी उचित स्थान पर विमान उतार लेना चाहिए। इस बारे में परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसद की स्थाई समिति ने अनुशंसाएं दी थीं, जिसके बाद डीजीसीए ने यह कदम उठाया है। समिति ने कहा था कि आवश्यक तकनीकी और मौसम संबंधी हरी झंडी नहीं मिलने की स्थिति में उड़ान भरने से मना करने पर पायलटों को उचित कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। माकपा नेता सीताराम येचुरी की अध्यक्षता वाली समिति की हालिया रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था, जो भी व्यक्ति हरी झंडी नहीं मिलने की स्थिति में भी पायलटों पर दबाव डालते हैं, उनके खिलाफ भी वैधानिक प्रावधानों के बारे में विचार किया जा सकता है।


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