आयकर विभाग ने बैंकों से 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच जमा राशि के बारे में विस्तृत ब्योरा मांगा है
खास बातें
- नोटबंदी के बाद 60 लाख खातों में 7.34 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए
- करीब 15 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में जमा किए गए
- नोटबंदी के आंकड़ों का आयकर रिटर्न तथा अन्य सूचनाओं से किया जाएगा मिलान
नई दिल्ली: आयकर विभाग ने आयकर रिटर्न और करदाताओं की अन्य सूचनाओं के मिलान के लिए निजी कंपनियों की सेवाएं लेने की प्रक्रिया शुरू की है. नोटबंदी के बाद 500 और 1,000 रुपये के करीब 15 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट बैंकों में जमा होने के बाद विभाग यह कदम उठा रहा है. आयकर विभाग ने अपने विश्लेषण में पाया है कि नोटबंदी के बाद 60 लाख बैंक खातों में दो लाख रुपये से अधिक जमा किए गए और इन खातों में कुल 7.34 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए.
विभाग ने कहा, 'आयकर विभाग का प्रभावी रूप से चीजों के विश्लेषण और उन्हें समूह में रखने के लिए नोटबंदी के आंकड़ों का आयकर रिटर्न तथा अन्य सूचनाओं से मिलान के लिए प्रौद्योगिकी तथा आंकड़ा विश्लेषकों की सेवाएं लेने का इरादा है.' साथ ही इच्छित परिणाम हासिल करने के लिए विभाग की नोटबंदी के आंकड़ों तथा विश्लेषणात्मक परिणाम के प्रभावी रूप से उपयोग के लिए कामकाज की नई प्रक्रियाओं को उपयोग में लाने की योजना है.
आयकर विभाग ने बैंकों से 10 नवंबर से 30 दिसंबर, 2016 के बीच जमा राशि के बारे में विस्तृत ब्योरा मांगा है. साथ ही बैंकों से इन्हीं खातों में 1 अप्रैल से 8 नवंबर, 2016 के बीच जमा राशि के बारे में भी ब्योरा देने को कहा गया है.
विभाग ने कहा कि नोटबंदी आंकड़ों का टैक्स रिटर्न तथा अन्य सूचना से मिलान के लिए आंकड़ों के विश्लेषण के वास्ते सेवा प्रदाता (मैनेज्ड सर्विस प्रोवाइडर फॉर डाटा एनालिटिक्स की जरूरत होगी.
आयकर विभाग की नोटबंदी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण में मदद के लिए दो एमएसपी नियुक्त करने की योजना है. साथ ही 'बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट' के लिए एक एमएसपी नियुक्त करने का इरादा है. बोलीदाताओं को तीन फरवरी तक बोली जमा करना होगा. (इनपुट भाषा से)