यह ख़बर 15 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

ओएनजीसी, भेल की हिस्सेदारी बिक्री पर फैसला टला

खास बातें

  • केंद्रीय मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बुधवार की बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी ओएनजीसी और भेल के विनिवेश पर फैसला नहीं हो पाया।
नई दिल्ली:

केंद्रीय मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बुधवार की बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी ओएनजीसी और भेल के विनिवेश पर फैसला नहीं हो पाया।

सरकार को इन कम्पनियों में हिस्सेदारी की बिक्री से 14,500 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने इस विषय पर हुई बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "सरकार ओएनजीसी के लिए नीलामी के बारे में सोच रही है। समय सीमा हालांकि तय नहीं हुई है। ईजीओएम की बैठक फिर से जल्द ही होगी।"

ईजीओएम भेल के बारे में भी फैसला नहीं ले पाया। केंद्रीय भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "भेल के विनिवेश पर कोई फैसला नहीं हुआ। अगले कारोबारी साल में हो सकता है।"

इस बीच विनिवेश सचिव हलीम खान ने कहा कि सरकार मौजूदा कारोबारी साल में विनिवेश से 40 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकती है। सरकार फरवरी तक पावर फाइनेंस कारपोरेशन के फॉलो ऑन सार्वजनिक निर्गम से लगभग 4,578 करोड़ रुपये ही जुटा पाई है।

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मौजूदा कारोबारी साल सरकार के लिए विनिवेश करने के लिए अनुकूल नहीं रहा है। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में वर्ष 2011 में 24 फीसदी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि 2012 में स्थिति सम्भलती दिख रही है।