यह ख़बर 28 मार्च, 2013 को प्रकाशित हुई थी

भारत का बाह्य ऋण बढ़कर 376 अरब डॉलर हुआ

खास बातें

  • दीर्घावधिक और अल्पावधिक ऋणों के बढ़ने से कारण भारत पर कुल बकाया बाह्य ऋण दिसंबर,2012 के अंत तक 376.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह मार्च,12 के मुकाबले 8.9 प्रतिशत अधिक है।
नई दिल्ली:

दीर्घावधिक और अल्पावधिक ऋणों के बढ़ने से कारण भारत पर कुल बकाया बाह्य ऋण दिसंबर,2012 के अंत तक 376.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह मार्च,12 के मुकाबले 8.9 प्रतिशत अधिक है।

एक सरकारी बयान में गुरुवार को कहा गया, दिसंबर 2012 के अंत में भारत का कुल बाह्य ऋण 376.3 अरब डॉलर था जो मार्च 2012 के अंत की तुलना में 30.8 अरब डॉलर (8.9 प्रतिशत) की वृद्धि दर्शाता है।

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