यह ख़बर 09 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

डाबर समूह के अशोक बर्मन की लंदन में मृत्यु

खास बातें

  • बर्मन को कोलकाता की गलियों से शुरू हुए एक पारिवारिक कारोबार को पेशेवरों द्वारा संचालित कारोबार में बदलने का श्रेय जाता है।
नई दिल्ली:

डाबर समूह के अवकाश प्राप्त अध्यक्ष अशोक सी. बर्मन की लंदन में शनिवार दोपहर मृत्यु हो गई। वह 81 वर्ष के थे। पारिवारिक सदस्यों के मुताबिक उनका पार्थिक शरीर अंतिम संस्कार के लिए यहां लाया जाएगा। उनकी पत्नी सुधा की मृत्यु दो साल पहले हो गई थी। उनके पुत्र आनंद अभी समूह के अध्यक्ष हैं। बर्मन ने 1948 में तीसरी पीढ़ी के सदस्य के रूप में समूह की सेवा शुरू की थी। दो साल बाद उन्हें समूह का निदेशक नामित कर दिया गया था। वह 1985 में समूह के अध्यक्ष बने, जिसे उन्होंने 1998 में अपनी इच्छा से छोड़ दिया। उनका जन्म 19 जून 1930 में हुआ था। बर्मन को कोलकाता की गलियों से शुरू हुए एक पारिवारिक कारोबार को पेशेवरों द्वारा संचालित कारोबार में बदलने का श्रेय जाता है। उन्होंने धीरे-धीरे समूह में पारिवारिक सदस्यों की भूमिका कम करने की नीति अपनाई। समूह की प्रमुख कम्पनी 90 करोड़ डॉलर की डाबर इंडिया को उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की एक बड़े कम्पनी समूह के रूप में दुनियाभर में जाना जाता है। इसका कारोबार 60 देशों में फैला हुआ है और स्वास्थ्य सेवा और आयुर्वेदिक दवाओं में इसकी गिनती दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनियों में होती है। डाबर इंडिया के कुछ प्रमुख ब्रांडों में हैं ओडोनिल, वाटिका, हाजमोला, प्रॉमिस, लेमोनीज, पुदीन हरा, रीयल जूस, ग्लूकोज-डी, होममेड और बबूल। बर्मन डाबर के अलावा गैनन डंकली एंड कम्पनी, पोलीप्लेक्स कॉरपोरेशन, सतनाम ओवरसीज, हिमल लेबोरेटरीज और फिलाटेक्स इंडिया के भी निदेशक मंडल के सदस्य थे।


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