खास बातें
- हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए रीयल एस्टेट डेवलपर्स के निकाय क्रेडाई ने दावा किया कि इस निर्णय से मकानों के खरीदार प्रभावित नहीं होंगे।
New Delhi: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन इलाकों में तीन गांवों में भूमि अधिग्रहण रद्दे करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के संतुलित फैसले का स्वागत करते हुए रीयल एस्टेट डेवलपर्स के निकाय क्रेडाई ने दावा किया कि इस निर्णय से मकानों के खरीदार प्रभावित नहीं होंगे। कनफेडरेशन ऑफ रीयल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) के अध्यक्ष (एनसीआर) पंकज बजाज ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिया गया यह संतुलित फैसला है। इससे नोएडा एक्सटेंशन में परियोजनाएं दोबारा आ सकेंगी। उन्होंने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन परियोजनाओं में धन लगाने वाले निवेशक एवं मकानों के खरीदार अब सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद किसानों को प्रति एकड़ डेढ़ करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा, जो पहले 90 लाख रुपये प्रति एकड़ था। उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन गांवों- देवला, चाक शाहबेरी और असदुल्लाहपुर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए 3000 एकड़ भूमि अधिग्रहण को रद्द कर दिया है। बजाज के मुताबिक, इसका कोई व्यापक असर नहीं होगा, क्योंकि शाहबेरी गांव के मकानों के खरीदार पहले ही अन्य परियोजनाओं की ओर रुख कर चुके हैं और अन्य दो गांवों में कोई परियोजना नहीं है।