खास बातें
- कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति मई महीने में 9.63 प्रतिशत हो गई।
नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों और ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आरएल) पर आधारित मुद्रास्फीति मई महीने में 9.63 प्रतिशत हो गई। एक महीना पहले अप्रैल में यह 9.11 प्रतिशत पर थी। एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अंक दर अंक आधार पर दोनों ही सूचकांक में मई के दौरान मामूली वृद्धि दर्ज की गई। समीक्षाधीन महीने में कृषि श्रमिकों का सूचकांक 0.85 प्रतिशत बढ़कर 592 अंक हो गया जो आंकड़ा अप्रैल में 587 अंक पर था। कृषि श्रमिकों के लिए पहनावे, बिस्तर और फुटवियर सूचकांक मासिक आधार पर 2.74 प्रतिशत बढ़े जबकि मिश्रित सामग्रियों के दाम 0.74 प्रतिशत महंगे हुए। हालांकि पान और सुपारी का सूचकांक महीने के दौरान स्थिर रहा। ग्रामीण श्रमिकों के मामले में सूचकांक मई के महीने में 0.85 प्रतिशत बढ़कर 592 अंक हो गया जो अप्रैल में 587 अंक ही था। मासिक आधार पर खाद्य कीमतें 0.68 प्रतिशत बढ़ी जबकि पान और सुपारी की कीमत 0.12 प्रतिशत बढ़ गई। पहनावे, बिस्तर और फुटवियर 2.16 प्रतिशत महंगे हुए जबकि इंधन और प्रकाश 1.44 प्रतिशत महंगे हुए।