यह ख़बर 13 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'हमारी फार्मा कंपनियों के लिए द्वार खोले चीन'

खास बातें

  • भारत ने चीन से कहा कि वह उसकी फार्मा कंपनियों को उसके विशाल बाजार में उतरने की मंजूरी जल्द से जल्द दे।
बीजिंग:

भारत ने चीन से कहा कि वह उसकी फार्मा कंपनियों को उसके विशाल बाजार में उतरने की मंजूरी जल्द से जल्द दे। भारत का कहना है कि इस तरह के कदम से चीन के लोगों को काफी फायदा होगा और उन्हें दवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने चीन के स्वास्थ्य मंत्री चेन झू के साथ मुलाकात के दौरान यह मसला उठाते हुए भारतीय फार्मा कंपनियों को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए उनसे हस्तक्षेप करने को कहा। आजाद चार दिन की चीन यात्रा पर यहां आए हैं। उन्होंने चेन से कहा कि भारतीय फार्मा कंपनियों से चीन के लोगों को काफी फायदा होगा, क्योंकि भारत तुलनात्मक रूप से काफी सस्ती दवाएं बनाता है। हालांकि यह व्यापार का मसला है, पर आजाद ने चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय से पंजीकरण की प्रक्रिया में शामिल होने को कहा है। भारत ने आईटी के अलावा फार्मा क्षेत्र की पहचान की है, जिसके लिए चीन में काफी संभावनाएं हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को कम किया जा सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार पिछले साल 61 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, पर यह बहुत हद तक चीन के पक्ष में झुका हुआ है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com