केंद्र का टेस्ला को कोई रियायत देने का विचार नहीं, पर राज्य इसके लिए स्वतंत्र : आधिकारिक सूत्र

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि टेस्ला भारतीय बाजार में कदम रखने को लेकर दिलचस्पी दिखा रही है और वह लंबी अवधि में यहां पर एक पूरी आपूर्ति शृंखला तैयार करने की संभावना तलाश रही है.

केंद्र का टेस्ला को कोई रियायत देने का विचार नहीं, पर राज्य इसके लिए स्वतंत्र : आधिकारिक सूत्र

भारत में टेस्ला पर चर्चा.

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार की अमेरिकी इलेक्ट्रिक कार विनिर्माता टेस्ला को फिलहाल कोई रियायत देने की मंशा नहीं है लेकिन राज्य सरकारें अपनी तरफ से छूट देने के लिए स्वतंत्र हैं. सूत्रों ने यह जानकारी दी. आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि टेस्ला भारतीय बाजार में कदम रखने को लेकर दिलचस्पी दिखा रही है और वह लंबी अवधि में यहां पर एक पूरी आपूर्ति शृंखला तैयार करने की संभावना तलाश रही है.

अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के स्वामित्व वाली कंपनी टेस्ला के प्रतिनिधियों ने मई में भारत का दौरा कर कई सरकारी विभागों के साथ बातचीत की थी.

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, ‘‘हमने अपने स्तर पर यह साफ कर दिया है कि आयात हमारी वरीयता में नहीं है. कंपनी पूरी आपूर्ति शृंखला बनाने को लेकर बड़ी चर्चा कर रही है.''

अधिकारी ने टेस्ला को केंद्र सरकार की तरफ से किसी रियायत की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘सरकार फिलहाल किसी भी तरह की छूट के बारे में नहीं सोच रही है. राज्यों का मामला अलग है. राज्य एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं और उनमें से कोई रियायत की पेशकश कर सकता है.''

टेस्ला ने वर्ष 2021 में भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारों के आयात पर लगने वाले शुल्क में कटौती दिए जाने की मांग रखी थी. भारत में विदेश से पूरी तरह बनकर आने वाली कारों के आयात पर 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगता है.

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