दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपये किलो तक पहुंच गई है
खास बातें
- केंद्र ने महाराष्ट्र समेत सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उन कारोबारियों और सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो मौसमी कमी का फायदा उठाकर कृत्रिम रूप से प्याज के दाम बढ़ा रहे हैं।
नई दिल्ली: केंद्र ने महाराष्ट्र समेत सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे उन कारोबारियों और सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें, जो मौसमी कमी का फायदा उठाकर कृत्रिम रूप से प्याज के दाम बढ़ा रहे हैं।
देश के ज्यादातर हिस्सों में थोक और खुदरा बाजारों में प्याज के दाम जुलाई के बाद से तेजी से बढ़ रहे हैं। प्याज की अधिक पैदावार करने वाले राज्यों से आपूर्ति में कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
उपभोक्ता मामले मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि मौसमी कमी का फायदा उठाकर प्याज की कीमत में कृत्रिम बढ़ोतरी करने वाले कारोबारियों-सट्टेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करें। अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र, जहां कम आपूर्ति वाले मौसम में आपूर्ति के लिए सबसे अधिक प्याज का भंडारण होता है, से कहा गया है कि वह उपभोक्ता बाजारों में प्याज की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करे।
अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि यदि आपूर्ति शृंखला में कहीं कोई अवरोध है बनता है, तो वह केंद्र को सूचित करे, क्योंकि आपूर्ति बाधित होने से सीधे दाम पर असर पड़ता है। मंत्रालय ने प्याज पर स्थिति रिपोर्ट में कहा कि प्याज की कीमत पर दबाव इसलिए बना कि पिछले साल की पैदावार से जो माल भंडार में रखा गया था, उसका 90 प्रतिशत खर्च हो चुका है और अब खपत के लिए तीन-चार लख टन ही माल उपलब्ध है।
इसमें कहा गया कि साल 2013 में खपत के लिए करीब 27.5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें 15.50 लाख टन प्याज महाराष्ट्र के गोदामों और गुजरात, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व तमिलनाडु प्रत्येक में एक से दो लाख टन प्याज का भंडार था।