किसानों के कर्ज़ को पुनर्गठित करें बैंक : केंद्र

नई दिल्ली:

यूपी के फतेहपुर ज़िले में हरतरफ बारिश और ओले से बर्बाद फसल बिखरी पड़ी है, लेकिन मुआवज़े के नाम पर किसानों को अभी तक कुछ नहीं मिला है।

राम सिंह की 6 बीघे की खेती थी, लेकिन बारिश ने चना, गेहूं और तिलहन की फसल तबाह कर दी। मुआवज़े की उम्मीद नहीं दिखी और सदमा बर्दाश्त से बाहर हो गया। सबसे मुश्किल उन किसानों के साथ है, जिनकी आधी फसल बर्बाद हो गई, लेकिन मुआवजे के लिए जरूरी जायजा लेने अभी तक कोई नहीं आया और अब लाचार होकर उन्हें बची-खुची फसल काटनी पड़ रही है।

अब भारत सरकार ने कर्ज़ में डूबे किसानों के लोन को पुनर्गठित करने के लिए राज्य-स्तरीय बैंक अधिकारियों की समितियों से किसानों के कर्ज़ पुनर्गठित करने और समय सीमा बढ़ाने को कहा है। अब भारत सरकार ने कर्ज़ में डूबे किसानों का लोन पुनर्गठित करने के लिए राज्य-स्तरीय बैंक अधिकारियों की समितियों से किसानों के कर्ज़ पुनर्गठित करने और समय सीमा बढ़ाने को कहा है।

ये भी तय किया गया है कि अब राष्ट्रीय आपदा रिलिफ फंड और राज्य आपदा रिलिफ फंड के नियमों की
हर साल अप्रैल में महंगाई दर के मुताबिक समीक्षा का जाएगी। कृषि राज्य मंत्री संजीव बालयान मानते हैं कि किसानों के लोन का पुनर्गठन मौजूदा परिस्थिति में सबसे ज़रूरी है।

एनडीटीवी से बातचीत में बालयान ने कहा, "किसानों की लोन की किश्तें एक साल तक रोकना ज़रूरी है। उनसे एक साल तक ब्याज़ ना वसूला जाए और उनके बिजली बिल एक साल तक के लिए माफ किए जाए। इस दिशा में हर प्रभावित राज्य को पहल करना होगा।"


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