यह ख़बर 01 जुलाई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कर चोरी की पहचान करने को जल्द केंद्रीकृत प्रणाली

खास बातें

  • सीबीडीटी ने कहा कि यह केंद्रीकृत प्रोसेसिंग केंद्र टीडीस के ब्यौरों की प्रोसेसिंग करेगा और कर जमा करने से चूकने वाली इकाइयों की पहचान करेगा।
New Delhi:

कर चोरी करने वाले लोगों की नकेल कसने के लिए आयकर विभाग जल्द ही एक केंद्रीकृत प्रणाली स्थापित करेगा, जिससे उन इकाइयों की पहचान करने में मदद मिलेगी जो स्रोत पर कर कटौती तो करती हैं, लेकिन इसे सरकार के पास जमा नहीं करतीं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा, यह केंद्रीकृत प्रोसेसिंग केंद्र टीडीस (स्रोत पर कर कटौती) के ब्यौरों की प्रोसेसिंग करेगा और कर जमा करने से चूकने वाली इकाइयों की पहचान करेगा। इस केंद्र की स्थापना का उद्देश्य एक ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जो टीडीएस संग्रह की प्रक्रिया में चूक एवं खामियों को दूर करेगा। आयकर कानून के मुताबिक, निगमित और गैर-निगमित इकाइयों को अपने कर्मचारियों को वेतन भुगतान करते समय स्रोत पर कर कटौती करना अनिवार्य है और साथ ही उन्हें एक निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे सरकार के पास जमा करना होता है। अगर एक व्यक्ति या कॉरपोरेट इकाई स्रोत पर कर कटौती के बाद संग्रह राशि निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार के पास जमा करने में विफल रहती है, तो उसे तीन महीने से सात महीने तक की कैद की सजा हो सकती है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com