खास बातें
- सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि राजा ने 2जी लाइसेंस अपनी चहेती कंपनियों को आवेदन आमंत्रित करने से एक दिन पहले ही दे दिए थे।
New Delhi: सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत को गुरुवार को बताया कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा ने डुअल टेक्नोलॉजी 2 जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस एडीएजी रिलायंस कम्युनिकेशंस जैसी अपनी चहेती कंपनियों को आवेदन आमंत्रित करने से एक दिन पहले ही दे दिए थे। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी की अदालत में आरोप तय करने को लेकर अपने तर्क देते हुए विशेष जन अभियोजक यूयू ललित ने कहा कि राजा ने रिलायंस, एचएफसीएल और श्याम टेलीलिंक को 18 सितंबर, 2007 को सिद्धांत रूप में 2जी लाइसेंस जारी करने की मंजूरी दे दी थी, जबकि उनके मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर 19 सितंबर, 2007 को इन लाइसेंसों को जारी करने के लिए योजना शुरू की थी। उन्होंने कहा, इसके एक दिन बाद 19 सितंबर को जब टाटा टेलीसर्विसेज ने 2 जी स्पेक्ट्रम के लिए आवेदन किया, तो दूरसंचार मंत्रालय जान बूझकर इस आवेदन पर कुंडली मार कर बैठ गया।